जबलपुर : नारी सशक्तिकरण की दिशा में मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का एक सशक्त उदाहरण अकाउंट ऑफिसर श्रीमती निकिता सिद्धा ने प्रस्तुत किया है।
सीए श्रीमती निकिता सिद्धा ने न केवल अपनी पेशेवर दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि तकनीकी एवं वित्तीय क्षेत्र में भी महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं।
श्रीमती सिद्धा ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन एवं देश की नवरत्न सार्वजनिक उद्यमों में से एक रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड से लगातार नेगोशिएशन कर मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कम्पनी के ऋणों की ब्याज दर को 9.8 प्रतिशत से घटाकर 8.47 प्रतिशत तक लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस वित्तीय पुनर्संरचना से एमपी ट्रांसको को भविष्य की ट्रांसमिशन परियोजनाओं में लगभग 160 करोड़ रुपये की संभावित बचत का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
यह उपलब्धि न केवल उनकी वित्तीय विशेषज्ञता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि आज की महिला कार्मिक जटिल से जटिल मामलों में भी निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में पिछले कुछ वर्षों में महिला कर्मचारियों की संख्या और जिम्मेदारियों में निरंतर वृद्धि हुई है। इंजीनियरिंग, वित्त, संचालन और प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाएं अब प्रभावी नेतृत्व कर रही हैं। श्रीमती निकिता सिद्धा की यह उपलब्धि इसी सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।
वित्तीय मामलों में श्रीमती निकिता सिद्धा की दक्षता के फलस्वरूप ट्रांसमिशन कंपनी को होने वाली लगभग 160 करोड़ रुपये की बचत के फलस्वरूप कंपनी के मुख्यालय जबलपुर में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रबंध संचालक सुनील तिवारी, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता एन जी टिकेकर एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी मुकुल मेहरोत्रा द्वारा उन्हें सिल्वर मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उनकी यह सफलता कहानी न केवल एमपी ट्रांसको के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह प्रदेश की अन्य महिला कर्मियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है कि वे अपनी प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल कर सकती हैं।
निकिता एक बेहतरीन खिलाडी और प्रभावशाली वक्ता है, वे एंकरिंग भी बहुत शानदार करती हैं। उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि “नारीशक्तिआजकेवलसहभागी नहीं, बल्कि परिवर्तन की अग्रदूत बन चुकी है।”
















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