जबलपुर : संस्कारधानी जबलपुर के मानस भवन में आयोजित चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का भव्य समापन श्रद्धा, संस्कृति और शोध के अद्भुत संगम के साथ सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज्यपाल श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने कहा कि भारत की संस्कृति भेदभाव से नहीं, बल्कि आत्मा, चेतना और बुद्धि से परिभाषित होती है। परमात्मा प्रत्येक हृदय में निवास करता है, इसलिए हर शरीर एक मंदिर है। शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्यपाल को सुनना स्वयं में एक अद्भुत अनुभव है, राम का चरित्र नई पीढ़ी के लिए आचरण का प्रतिमान है। संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि रामायण मात्र ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली आधारशिला है। राज्यपाल श्री खान ने रामायण पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में इंडो-थाई रामायण फोरम पर विशेष चर्चा हुई। कोऑर्डिनेटर अमरेंद्र नारायण ने बताया कि इस फोरम की स्थापना प्रथम विश्व रामायण सम्मेलन में हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत और थाईलैंड के बीच रामायण आधारित अकादमिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करना है। शोध, विमर्श और वैचारिक सत्र में प्रो. नरेंद्र कौशिक, प्रो. अभिलाषा सिंह, प्रो. नीलांजना पाठक, शैलेंद्र तिवारी और डॉ. अजय तिवारी ने रामायण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान ‘श्रीरामवल्लभ’ ग्रंथ का विमोचन भी किया गया, जो प्रभु श्रीराम की 108 नामावली, संस्कृत स्तोत्र, ब्रजभाषा पदावली तथा हिन्दी-अंग्रेज़ी विवेचन के साथ रामस्वरूप का दार्शनिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। समापन समारोह में प्रसिद्ध कवि सुदीप भोला एवं साथियों द्वारा रामायण आधारित कवि सम्मेलन तथा छिंदवाड़ा की रामलीला समिति द्वारा प्रस्तुत रामलीला के प्रसंगों ने समापन को अत्यंत भावपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर परम पूज्य बाबा कल्याण दास, पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक श्री अजय विश्नोई, डॉ. अभिलाष पांडे, डॉ. अखिलेश गुमास्ता, पूर्व न्यायाधीश पंकज गौर, अधिवक्ता रवि रंजन सहित बड़ी संख्या में विद्वान, साधु-संत एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का हुआ भव्य समापन
















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