Advertisement

गौरैय्या

सुनील चौरे “उपमन्यु

बच्चा बोला ए मैय्या,
माँ मेरी गौरैय्या,
अपना रैन बसेरा कहां,
क्यो मुख मोड़ चुका है हमसे,
ये सारा जहां ?
बड़े प्यार से बोली मां गौरैय्या,
बच्चा,
लोग बहुत दयालु है,
कुछ तो बहुत कृपालु है,
हमे संरक्षित कर रहे है,
हमारे दाना पानी का कर इंतज़ाम,
हमारे लिए बना बनाया घोंसला धर रहे है,
कर हरियाली हमारे लिए,
हममें जीने का जज़्बा भर रहे है,
फिर हमारा कुनबा बढ़ेगा,
हमारी चहचहाट सबको मुस्कान देगी,
कहे उपमन्यु,
ये गौरैय्या सबको धन्यवाद कहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *