ग्वालियर : जनपद पंचायत भितरवार से लगभग 12 किलोमीटर दूर बसे छोटे से गांव मागरपुर के आदिवासी दफाई में रहने वाले राजू ने कभी सोचा नहीं था कि अपनी छोटी सी आय से कभी अपना स्वयं का पक्का मकान बना पाएगा। वह जितना कमाता था उससे उनके परिवार का बड़ी मुश्किल से गुजर-बसर हो पाता था। वह आदिवासी दफाई में अपनी कच्ची झोपड़ी में चार बेटियों के साथ रहता था। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का सहारा मिलने से राजू की जिंदगी बदल गई। आज राजू अपनी चार लाडलियों के साथ खुद के पक्के मकान में रहता है और आय बढ़ाने के लिए मनरेगा से उसे 95 दिन का रोजगार भी मिला है। इसके साथ ही जीवन में अमूलचूल बदलाव लाने के लिए शासन ने राजू के सामने योजनाओं की झड़ी लगा दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राजू को पक्का और सुरक्षित घर मिला। इस योजना से उसके परिवार को स्थायित्व, सुरक्षा और आत्मसम्मान का भाव भी प्रदान किया है। घर मिलने और मनरेगा से रोजगार मिलने से उसके बच्चों की पढ़ाई नियमित हुई और परिवार का जीवन अनुशासित व सुखद हो गया। इसके साथ ही राजू को उज्ज्वला योजना से गैस सिलेण्डर मिला जिससे परिवार को चूल्हें के धुएं से मुक्ति मिली। इसी प्रकार विद्युत विभाग ने उसे बिजली का कनेक्शन दिया जिससे अब उसकी बेटियां रात में भी पढ़ाई कर पा रही है। साथ ही पीने के लिए घर तक पानी की लाइन, शौचालय मिला जिससे गंदगी से छुटकारा मिला है। इसके साथ ही परिवार की सीमित आय होने के चलते शासन की ओर से राशन मिल रहा है। जबकि आदिम जाति कल्याण विभाग से सहरिया पोषण आहार दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड दिया है, श्रमविभाग ने संबल कार्ड, सहित आधार कार्ड सहित अन्य कई योजनाओं का लाभ मिला है। शासन की योजनाओं का मिल रहा है सभी को लाभ शासन द्वारा लोगों का जीवन बेहतर बनाने के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ देने के लिए शासन द्वारा दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को खोज-खोज कर लाभ दिया जा रहा है। इससे लोगों का एक ओर जहां जीवन आत्मनिर्भर हो रहा है, वहीं उनमें आत्मसम्मान भी बढ़ रहा है।
राजू आदिवासी को मिली झोपडी से मुक्ति, अब रहते हैं पक्के मकान में















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