डॉ विजय आर चौरे
फर फर फर फहराये हमारा तिरंगा
आकाश में गर्व से लहराए तिरंगा
भारत वर्ष की आन शान बान तिरंगा
हमारा राष्ट्रध्वज कहलाए तिरंगा
श्री पिंगली वेंकैया द्वारा यह निर्मित
बावीस जुलाई सैतालिस को हुआ अर्पित
अंगीकृत हो हुआ हमारा तिरंगा अमर
राष्ट्रदिवसों पर यह लहराता फर फर
खादी सिल्क कपड़े से यह बनता
मध्य भाग अशोक चक्र से सजता
नीला यह चक्र धर्मचक्र को दर्शाता
चौबीस तीलियों से विकास की गति बताता
समय प्रगति का प्रतीक यह प्यारा
केशरिया,श्वेत, हरे रंग से खिलता न्यारा
शक्ति, शांति ,समृद्धि की बात यह कहता
सुबह से शाम तक उत्तिष्ठ यह रहता
साहस, त्याग, बलिदान का प्रतीक
केसरिया रंग शान से देता ये संदेश
पवित्रता, शांति, अहिंसा, सत्य का
मध्य भाग संभालता प्यारा रंग श्वेत
प्यारा हरा रंग तिरंगे का है आधार
विश्वास ,हरियाली ,समृद्धि की देता बयार
प्रकृति को सुरक्षित रखने का देता संदेश
होता खुशहाल हमारा यह प्यारा देश
हम सब मिलकर रखें इसकी शान
कभी न घटने देंगें इसका मान व सम्मान
भले ही देना पड़े हमें अपने प्राण
यही हमारी शक्ति यही हमारी जान
तिरंगा हर सफल मंजिल की पहचान
आओ मिलकर फहराएँ इसे ससम्मान
जन गण मिलकर आओ गाएँ राष्ट्रगान
जय हिंद जय भारत से गूंजे आसमान
सेवानिवृत्त प्राध्यापक,
शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय,इंदौर म प्र













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