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हम सब पर्यावरण अनुकूल प्रथा अपनाकर ही पृथ्वी को कर सकते हैं संरक्षित- प्रो आर पी दुबे, कुलगुरु, आरएनटीयू

भोपाल।  रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, रायसेन, मध्य प्रदेश एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से 4 और 5 मई, 2026 को विश्व पृथ्वी दिवस 2026 मनाया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का प्रायोजन भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा किया गया था। इसका विषय था “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह”। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता, नवीकरणीय ऊर्जा, पुनर्चक्रण और सतत विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. टी. रवि किरण के जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और सतत जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए जागरूकता व्याख्यान से हुआ। इसके बाद छात्रों ने स्लोगन राईटिंग, पोस्टर निर्माण, भाषण एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लिया, जहाँ प्रतिभागियों ने रचनात्मक रूप से “धरती बचाओ, जीवन बचाओ” संदेश व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर डॉ. रवि प्रकाश दुबे, कुलगुरु, आरएनटीयू  के दुआरा सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही कुलगुरु के आशीर्वचन से समस्त प्रतिभागी लाभन्वित हुए। उन्हेंने पृथ्वी को सुरक्षित  एवं संरक्षित रखने के लिए सभी प्रतिभागियो को अनुशासित जीवन यापन करने का सुझाव दिया। समापन शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुआ, जिसमें संकाय सदस्यों, छात्रों और कर्मचारियों ने पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने की शपथ ली। दूसरे दिन की शुरुआत झीरी गाँव से हुई, जो बेतवा नदी के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। अतिथि श्री शरद कुमरे, पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता, भोपाल थे, जिन्होंने हमारे छात्रों, संकाय सदस्यों और ग्रामीणों को पृथ्वी और आसपास के पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों और सुरक्षात्मक उपायों के बारे में बहुमूल्य जानकारी दी। एक जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें छात्रों ने धरती माता को समर्पित नारे और गीत गाते हुए मार्च किया और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण जागरूकता फैलाई। परिसर और आसपास के इलाकों में स्वच्छता अभियान चलाया गया।  ग्रामीणों को पर्यावरण के अनुकूल बैग वितरित किए गए और वृक्षारोपण के लिए पौधे दिए गए। एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में, वृक्षारोपण और हरियाली प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीणों को पौधे उपलब्ध कराए गए।

इस आयोजन में 200 से अधिक छात्रों, संकाय सदस्यों और राष्ट्रीय सेवा  योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम ने समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने और एक सतत भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व को सुदृढ़ करने में सफलता प्राप्त की। कार्यक्रम में डीन, विज्ञान संकाय, डॉ. अंकित अग्रवाल, विभागाध्यक्ष भौतिक विज्ञान, डॉ. भावना अग्रवाल, कार्यक्रम समन्वयक श्री उत्तम, एनएसएस अधिकारी डॉ. गब्बर सिंह , डॉ. रेखा गुप्ता, विज्ञान संचार केंद्र की समन्वयक डॉ. प्रीति सिंह एवं समस्त संकाय सदस्यों , छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।आरएनटीयू का विज्ञान संकाय प्रायोजन के लिए भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय एवं मंत्रालय के समस्त अधिकारीगणो का हार्दिक आभार व्यक्त करता है ।

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