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आत्म हत्या जैसा कदम उठाने वाली रिया टीचर के समझाने पर लेती है मेहनत करने का प्रण

20वे बसंतोत्सव के अवसर पर प्रतिज्ञा गोस्वामी के निर्देशन में पंख थिएटर एंड वेलफेयर सोसाइटी के कलाकारों ने नाटक ‘विद्या का अर्थ’ का किया मंचन

भोपाल। शुक्रवार को सुरताल के 20वे बसंतोत्सव के अवसर पर कर्फ्यूवाली माता के मंदिर परिसर में पंख थिएटर एंड वेलफेयर सोसाइटी के द्वारा नाटक नाटक ‘विद्या का अर्थ’ का मंचन किया गया।
नितिन रोहर द्वारा लिखत इस नाटक का निर्देशन प्रतिज्ञा गोस्वामी ने किया। नाटक की कहानी में रिया एक मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की है जो अपनी पढ़ाई पर ध्यान न देते हुए गलत संगत में पड़ जाती है। 12 क्लास में कम नंबर लाने के कारण रिया आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश करती है, जिसे टीचर श्वेता बचाती है और रिया को समझाती है। टीचर श्वेता यह भी बताती हैं कि- विद्या पर सब का अधिकार है। विद्या का अर्थ जानने वाला ही सही मायनों में विद्या ग्रहण कर पाता है। अंत में रिया को अपनी गलती के अहसास होता है, वह टीचर एवं अपनी मां से माफी मांगती है और फिर से मेहनत करने का प्रण लेती है।।
नाटक की कहानी इस बात की ओर इंगित करती है कि मां बाप किस तरह मेहनत करके बच्चों को पढाते हैं और बच्चे अपनी मस्ती मजे में कैसे अपने ओर मां बाप के सपनों को तोड़ देते है, वहीं श्वेता जैसी शिक्षक बच्चों को सही रास्ता दिखाने का काम करती है।
रिया का चरित्र निभाया अंजलि ने तो श्वेता टीचर के किरदार में थी डॉक्टर आँचल बिसेन। मंच पर
कपिल यादव,एलेक्स, प्रतिज्ञा, करुणा साही,राहुल महाकल आदि कलाकार भी अलग-अलग भूमिकाओं में दिखाई दिए।

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