अरेरा कॉलोनी स्थित आर्ट हाउस बैठक के सभागार में मुकेश कुमार माण्डलेकर के एकल अभिनय से सजी शाम
भोपाल। पिछले दिनों ई 3, अरेरा कॉलोनी स्थित आर्ट हाउस बैठक सभागार में विंधेश्वरी सांस्कृतिक कला समिति की ओर से एकल अभिनय के रूप में नादिरा जहीर बब्बर द्वारा लिखित नाटक ‘दयाशंकर की डायरी’ का मंचन किया गया। नाटक में निर्देशन एवं मंच पर एकल अभिनय मुकेश कुमार माण्डलेकर द्वारा किया गया। नाटक में विशेष रूप से यह दिखाया गया कि नाटक की कहानी का नायक दयाशंकर आम जीवन में हर जगह मिल सकता है। सभागार में उपस्थित दर्शक भी मंचित कहानी को अपने जीवन से जोड़ नाटक का आनंद लेते हुए दिखाई दिए।
नाटक के बारे में
दयाशंकर की डायरी
नादिरा जहीर बब्बर द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध हिंदी नाटक है, जो एक छोटे शहर से मुंबई आकर क्लर्क बनने वाले एक व्यक्ति के असफल सपनों, संघर्षो और उसकी कल्पनाओं की दुनिया को दिखाता है, जो हर आम आदमी के जीवन के अनुभवों से जुड़ता है और यह बताता है कि कैसे एक व्यक्ति अपनी असफलताओं से भागकर अपनी ही बनाई दुनिया में खो जाता है।
पात्र वास्तविकता की अवधारणा को छोड़कर काल्पनिक जीवन व्यतीत करने लगता है। शनै-शनै पात्र मानसिकता की उधेड़-बुन में इतना आगे निकल जाता है कि वह स्वयं को भी भूल चुका होता है। पात्र दयाशंकर के जीवन के संघर्षों, टूटे सपनों और वास्तविक दुनिया व कल्पना के बीच फसे होने की कहानी है।
यह नाटक थियेटर में काफी सराहा गया है, जिसे दृष्टिगत रखते हुए बार-बार मंचन करने हेतु सदैव उत्सुक्ता बनी रहती है।
निर्देशक के बारे में
मुकेश कुमार मंडलेकर
मुकेश कुमार मंडलेकर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरकतउल्ला विश्विद्यालय, भोपाल से ठ। में प्राप्त किया। उसके बाद आप रंगमंच मुम्बई से शुरूआत की जहाँ आपने मकरंद देशपांडे, मिस नादिरा जहीर बब्बर, अभिषेक नारायण एवम भोपाल में मांगीलाल शर्मा के सानिध्य में रंगमंच के गुण के बारीकियों को सीखने का अवसर प्राप्त किया है। आपने ने शहीदों ने लौ जगाई हो, गौरकी टिंकू के कारनामे यहूदी की लड़की, मिस ब्यूटीफुल, पोहा रांग ब्रांग, मुंशी प्रेमचंद, मालविकाग्निमित्र, स्कन्दगुप्त, हिरण्यगर्भा, ताजमहल का टेण्डर, भगवतज्जुकम, जैसे चर्चित नाटकों में कार्य किया है। आप विगत पंद्रह वर्षों से मुम्बई एवम भोपाल में थिएटर में सक्रिय रूप से जुड़े हुए है। वर्तमान में विन्ध्येश्वरी सांस्कृतिक कला समिति (रंग विस्तार थिएटर ग्रुप) के अध्यक्ष के पद में कार्यरत है।
मंच पर
दयाशंकर : मुकेश कुमार मंडलेकर
मंच परे
संगीत परिकल्पना : पीयूष पाण्डा
प्रकाश परिकल्पना : मुकेश सूर्यवंशी
मंच सच्चा : रूपेश तिवारी
वेशभूषा : रूपेश तिवारी
ब्रोशर, पोस्टर : मनोज शर्मा, मुकेश कुमार मंडलेकर
मार्गदर्शक : नादिरा जहीर बब्बर।

















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